
1667 करोड़ रुपये से होगा बरेली का विकास, लोगों को मिलेगा आशियाना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन पर बरेली विकास प्राधिकरण शहर को विकसित करने की योजना पर काम कर रहा है। आवासीय टाउनशिप के मास्टर प्लान पर काम शुरू कर दिया गया है। लोगों को रेजिडेंशियल और कॉमर्शियल दोनों तरह के प्लॉट उपलब्ध होंगे। बरेली विकास प्राधिकरण पीलीभीत बाईपास रोड पर नई आवासीय टाउनशिप को लेकर 10 गांवों की भूमि ली जानी है। जिसका ड्रोन सर्वे का काम बहुत जल्द शुरू किया जाएगा। बीडीए ने ड्रोन सर्वे के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। एजेंसी का चयन 2 अप्रैल तक हो जाएगा। भूमि अधिग्रहण का काम समय से पूरा करने की योजना बनाई गई है, जिससे अप्रैल में टाउनशिप के लिए अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी की जा सके।

शहर के विकास के लिए बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) 1667 करोड़ रुपये करेगा खर्च..
बरेली। शहर के विकास के लिए बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) 1667 करोड़ रुपये खर्च करेगा। इसकी स्वीकृति के लिए शुक्रवार को बीडीए बोर्ड की बैठक होगी। उसमें 1145.82 करोड़ रुपये आय और 1666.97 करोड़ रुपये व्यय का बजट पेश किया जाएगा। सबसे अधिक नई योजनाओं के विकास के लिए 841 करोड़ रुपये जमीन अधिग्रहण पर खर्च होंगे। इसके अलावा लोगों को आशियाना देने के लिए रामगंगानगर, ग्रेटर बरेली और नाथ धाम परियोजना के विकास पर खर्च किया जाएगा। आय से अधिक खर्च को पिछले साल के अवशेष से पूरा किया जाएगा।

बरेली विकास प्राधिकरण के बोर्ड की बजट बैठक शुक्रवार को शाम चार बजे से मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल की अध्यक्षता होंगी..
बरेली विकास प्राधिकरण के बोर्ड की बजट बैठक शुक्रवार को शाम चार बजे से मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल की अध्यक्षता में उनके कार्यालय में होगी। प्रस्तावित बजट में प्रारंभिक अवशेष 1687 करोड़ रुपये जोड़ने पर कुल 2832 करोड़ का बजट होगा। इसमें 650 करोड़ रुपये रामगंगानगर आवासीय योजना पर व्यय होगा। वहां पर लाइब्रेरी और सेंट्रल पार्क विकसित होगा। ऐसे नए कार्यों के लिए 500 करोड़ और 150 करोड़ रुपये पुराने सेक्टर में अधूरे विकास कार्यों के लिए प्रस्तावित किया गया है। इसी तरह से ग्रेटर बरेली आवासीय योजना के विभिन्न सेक्टरों में विकास कार्यों और भू-अधिग्रहण पर कुल 541 करोड़ रुपये व्यय प्रस्तावित है। तीन सौ करोड़ रुपये की व्यवस्था बीडीए अपने संसाधनों से करेगा। बीडीए क्षेत्र के गांवों में आवागमन की सुविधाओं को विकसित करने और विकास कार्यों के लिए सौ करोड़ रुपये का प्रावधान अवस्थापना निधि में किया गया है।