लखनऊ। ‘ये नए जमाने की इलेक्ट्रॉनिक बूथ कैप्चरिंग है. जो कोर्ट की निगरानी में होने वाली मतगणना में कैमरे के सामने हेराफेरी कर सकते हैं, वो अपने लोगों के बीच बूथ के बंद कैमरे में क्या नहीं कर सकते हैं ?’
उन्होंने कहा, ‘अगर पीडीए के अधिकारी-कर्मचारी बदलकर धांधली न की होती तो भाजपा एक भी सीट के लिए तरस जाती. जैसा लोकसभा चुनाव में हुआ था।जब ऐसी व्यवस्था मिल्कीपुर में नहीं हो पाई तो वहां का चुनाव भी सरकार ने टाल दिया.।’




