सहसबान-एक तरफ उत्तर प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ क्यों न भू माफिया को लेकर बुलडोजर की कार्रवाई करते नजर आते हैं,लेकिन सहसवान नगर में कुछ भूमाफियाओं के हौसले इतने बुलंद है, कि उसमें कहीं न कहीं तहसील प्रशासन भी अपनी भूमिका निभाने में पीछे नहीं रहता जिसके कारण गरीबों की जमीनों पर अवैध कब्जा करना भू माफियाओं की आदत बन गई है, शारूख कमल पुत्र रईस अहमद मोहल्ला नसरुल्लागंज सहसवान का आरोप है, कि खैरपुर खैराती परगना व तहसील सहसवान के पूर्व गाटा संख्या 502

मि० वर्तमान गाटा संख्या 880, 881, 882 883, में बंटा दुरूस्ती का आदेश चकबंदी अधिकारी द्वारा दिनांक 04.07.2024, 10.10.2024 को पारित किया गया है। जिसके विरूद्ध न्यायालय बन्दोबस्त अधिकारी चकबन्दी बदायूँ के बाद संख्या 20245412700000818 धारा 52 नियम 109 क ( जो०च०अधि० दायर किया गया है। जिसकी तारीख पेशी 23.12.2024 नियत है, चकबंदी अधिकारी आदेश 10.10.2024 का अनुपालन नियम 109 की चकबंदी टीम के द्वारा स्थल पर नहीं किया गया है। दिनांक 04.12 2024 को तहसील के लेखपाल व कानूनगो के द्वारा विचाराधीन वाद के रहते गाटा संख्या 880 तथा 881 में मायावती,पत्नी शोभाराम, व कमलेश पत्नी भूप सिंह निवासी ग्राम मिचोना की मड़ैया का कब्जा पश्चिम दिशा में करा दिया जबकि आदेश में मायावती व कमलेश की बैनामा वाली भूमि पूरब दिशा में दर्ज की गयी है। प्रार्थी की भूमि पर अवैध रूप से नाप की गयी है, तथा रात के एक बजे मिटटी की ट्राली भर कर खेत में भराव डाल कर निर्माण कर अवैध कब्जा कराया गया तथा पुनः तहसील के कर्मचारियों दिनांक 13.12.2024 को तहसील कर्मचारियों की सांठगांठ से

गाटा संख्या 880, 881 पर अवैध निर्माण के लिए भूमाफिया आमादा हैं। जिसे विचाराधीन वाद के निस्तारण तक रोका जाना न्याय संगत है। जिससे प्रार्थी को भारी क्षति है।अतः जबकि पारित आदेश दिनांक 10.10.2024 के विरूद्ध तहसील कर्मचारियों के द्वारा गाटा संख्या 880, 881 में पश्चिम दिशा में कराये गये कब्जे पर भूमाफियाओं द्वारा अवैध कब्जे पर कर रहे निर्माण को बन्दोबस्त अधिकारी चकबन्दी बदायूँ के न्यायालय में विचाराधीन वाद के निस्तारण तक रोकने का आदेश सुनाया गया। लेकिन भू माफियाओं द्वारा न्यायालय के आदेश के लिए भी ताक पर रखकर निर्माण कर लिया गया।

रिपोर्टर हरवेश यादव