सम्भल। प्रदेश सरकार के मुखिया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भू माफिया खनन माफिया ग्राम समाज की जमीन पर अवैध कब्जे करने वाले माफिया के खिलाफ तथा अपराधिक किस्म के माफिया को मिट्टी में मिलाने के आदेश अफसरों को सख्त हिदायत के साथ दे रखे हैं। इसके बावजूद भी यह अवैध कार्य करने वाले माफिया अपनी इन हरकतों से बाज नहीं आ रहे है ऐसा ही एक मामला जनपद सम्भल हयातनगर थाना क्षेत्र के ग्राम दतावली में देखने को मिला है। जहाँ पूर्व प्रधान और मौजूदा प्रधान ने बीस बरसों से ग्राम समाज की कई बीघे जमीन पर अवैध कब्जा कर अपने कब्जे में लेकर उस जमीन को मोटी रकम लेकर ग्रामीणों को बेच दिया । और खरीदने वाले ग्रामीणों को इसकी भनक अभी तक नहीं लगी और ना ही उनके नाम किसी तरह का कोई बैनामा या लिखित मैं किसी तरह का कोई दस्तावेज भी नज़र नही आ रहा है । अवैध जमीन में एक रिहायशी मकान भी बना हुआ है जब तक अवैध ग्राम समाज की जमीन स्वर्गीय पूर्व प्रधान ऋषि पाल के कब्जे में रही उसमें खेती कर मोटी कमाई करता था। उसके बाद उस जमीन पर ग्रामीणों के अवैध कब्जे करा कर मोटी रकम में बेच दिया और खेती करता रहा जब इस बाबत पूर्व प्रधान के परिजनों से जानकारी की गई और सवाल किया गया योगी सरकार के इतने सख्त आदेश के बावजूद भी आप ग्राम समाज की जमीन पर अवैध कब्जा कर खेती कर रहे हैं और उसे मोटी रकम लेकर बेच रहे हैं परिजनों का कहना था जब जगह हमारे कब्जे में है तो हमारी है इसमें योगी सरकार या कोई और क्या करेगा। जब गांव के ही मौजूदा प्रधान को इस बारे में पता थी कि यह जमीन ग्राम समाज की है उसने भी पूर्व के मरने के बाद उनके परिजनों से मिलकर उस ग्राम समाज की जमीन पर अवैध कब्जा कर खेती करनी चालू कर दी। जब इस जमीन का ग्राम समाज की होने का पता लगा तो विश्व हिंदू शक्ति संगठन के अक्षय अग्रवाल अनुज शर्मा अमन सागर राशिद खान विश्व हिंदू शक्ति संगठन के जिला उपाध्यक्ष संजीव कुमार आदि ने इसकी शिकायत प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश सरकार से की तथा कार्यवाही हेतु प्रतिलिपि डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य मुख्य सचिव लखनऊ एसटी एससी आयोग उत्तर प्रदेश पुलिस महानिरीक्षक उत्तर प्रदेश आदि को प्रेषित की इसके बावजूद भी संबंधित अफसरों का इधर कोई ध्यान नहीं है लेकिन मौजूदा प्रधान ने अपने बचाव में पोस्ट अवैध जगह पर बाबा भीमराव अंबेडकर जी की प्रतिमा का एक बोर्ड लगा रखा है जिससे अक्सर मौजूदा प्रधान पर किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं करें जबकि ग्रामीणों का दबी जुबान से यह कहना है अगर दोनों प्रधान चाहते तो यह जमीन कब्जा मुक्त हो जाती यहां अंबेडकर पार्क बन जाता लेकिन गांव का मामला है इसलिए हम प्रधानों के सामने नहीं आ सकते क्योंकि हमें तो यही रहना है बाकी कार्रवाई चल रही है। प्रशासन अपने हिसाब से देखें। जब की सजा दोनों प्रधानों को मिलनी चाहिए अगर प्रशासन ने इन प्रधानों पर शिकंजा नहीं कसा तो गांव में कभी भी शांति भंग हो सकती है।

सम्भल से खलील मलिक की रिपोर्ट

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