सहसवान, बदायूँ। बैंक ऑफ बड़ौदा, शाखा सहसवान के मैनेजर पर एक किसान के परिजन ने केसीसी लोन की पूरी रकम जमा करने के बाद भी नो ड्यूज न देने और 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप लगाया है। परेशान होकर पीड़ित बबलू सिंह निवासी ग्राम धापड़ ने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत की है और उपजिलाधिकारी, को भी शिकायती प्रार्थना पत्र सौंपा है।

प्रार्थना पत्र के अनुसार, प्रार्थी बबलू सिंह पुत्र रमेश चंद्र के बाबा स्व. निरंजन सिंह ने बैंक ऑफ बड़ौदा से ऋण लिया था। उनकी मृत्यु के बाद बबलू सिंह ने फरवरी 2026 में अपने निजी खाते से उनके खाते में संपूर्ण लोन राशि जमा कर दी थी। तब बैंक मैनेजर द्वारा कहा गया था कि एक महीने बाद आकर नो ड्यूज ले जाना।

पीड़ित का आरोप है कि जब वह दिनांक 05-08-2026 को बैंक गया तो वर्तमान मैनेजर रामनाथ ने निरंजन सिंह का मृत्यु प्रमाण पत्र, वारिसान सर्टिफिकेट और मूल आधार कार्ड लाने को कहा। जब वह दिनांक 05-09-2026 को सारे दस्तावेज लेकर बैंक पहुंचा तो मैनेजर रामनाथ ने उसके साथ अभद्र तरीके से व्यवहार किया, गाली-गलौज की और धमकी दी।

पीड़ित का आरोप है कि मैनेजर ने कहा “जो करना है कर लो, नो ड्यूज नहीं मिलेगा, और धमकी देने लगे कि ज्यादा कहोगे तो तुम पर एससी-एसटी एक्ट का मुकदमा लगवा दूंगा।” साथ ही सभी वारिसानों को बैंक में उपस्थित कराने और बैंक के दो गवाह व प्रधान से लिखवाकर लाने की ऐसी शर्त रख दी जो नियम में नहीं है।

पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि जब पहले वह आया था तो प्रार्थी से बैंक मैनेजर ने 20,000/- रुपये की मांग की थी और कहा था कि आपका नो ड्यूज एक घंटे में मिल जायेगा, अगर आप ऐसा नहीं करोगे तो नो ड्यूज नहीं मिलेगा। पीड़ित ने किसी भी प्रकार की धनराशि देने से साफ मना कर दिया, जिससे मैनेजर उसके खिलाफ हो गये।

जिसको लेकर पीड़ित ने उपजिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर और मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराकर मामले की जाँच कर नो ड्यूज दिलवाने और उक्त मैनेजर के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।