बरेली में खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई: नमकीन फैक्ट्री में मिला एक्सपायर्ड पामोलीन ऑयल, 1,335 किलो तेल सीज
रिपोर्ट: आलोक गुप्ता

बरेली। खाद्य पदार्थों में मिलावट और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग का अभियान लगातार जारी है। आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तर प्रदेश तथा जिलाधिकारी बरेली के आदेशानुसार, सहायक आयुक्त (खाद्य) राहुल सिंह के निर्देशन में विभागीय टीम ने मंगलवार को शहर की दो नमकीन निर्माण इकाइयों का औचक निरीक्षण किया।


निरीक्षण के दौरान आलम फूड प्रोडक्ट नामक निर्माण इकाई में बड़ी अनियमितता सामने आई। टीम ने पाया कि नमकीन बनाने में उपयोग के लिए रखे गए रिफाइंड पामोलीन ऑयल के 89 टीन की एक्सपायरी मई 2026 में ही समाप्त हो चुकी थी। जांच के दौरान खाद्य कारोबारकर्ता ने बताया कि उक्त तेल उसे लगभग दो घंटे पहले ही एक थोक विक्रेता द्वारा भेजा गया था। इसके समर्थन में उसने खरीद का बिल भी विभागीय अधिकारियों को उपलब्ध कराया।
मामले को गंभीर मानते हुए खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने मिलावट और गुणवत्ता की जांच के लिए नमकीन का एक नमूना प्रयोगशाला परीक्षण हेतु संग्रहित किया। वहीं मौके पर रखे 89 टीन में कुल 1,335 किलोग्राम एक्सपायर्ड पामोलीन ऑयल, जिसकी अनुमानित कीमत 1,96,245 रुपये है, को तत्काल सीज कर दिया गया।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि एक्सपायर्ड खाद्य तेल मिलने के मामले में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत सक्षम न्यायालय में वाद दायर किया जाएगा। साथ ही निरीक्षण की गई दोनों निर्माण इकाइयों को कमियों को दूर करने के लिए सुधार नोटिस भी जारी किया गया है।
कार्रवाई करने वाली टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुशील सचान, इन्द्रजीत सिंह और तेज बहादुर सिंह शामिल रहे।
पहले भी हो चुकी हैं लगातार कार्रवाई
गौरतलब है कि खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग पिछले कई महीनों से बरेली में मिलावटी और घटिया खाद्य पदार्थों के खिलाफ विशेष अभियान चला रहा है। इससे पहले भी विभाग ने मिठाई, मसाले, दूध, तेल, नमकीन और अन्य खाद्य पदार्थों के कई नमूने लेकर जांच के लिए भेजे थे। कई प्रतिष्ठानों पर अनियमितताएं मिलने के बाद नोटिस जारी किए गए, जबकि मानकों के विपरीत पाए गए मामलों में न्यायालय में वाद भी दायर किए गए।
सहायक आयुक्त (खाद्य) राहुल सिंह ने कहा कि आम लोगों के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। एक्सपायर्ड अथवा मिलावटी खाद्य पदार्थों का निर्माण, भंडारण और बिक्री करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।