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सहसवान, बदायूं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भले ही कानून-व्यवस्था और ट्रैफिक सुधार को लेकर सख्त निर्देश देते हों, लेकिन बदायूं जिले के सहसवान स्थित अकबराबाद चौराहे पर उनके आदेश बेअसर दिख रहे हैं। बदायूं-मेरठ फोरलेन हाईवे पर स्थित नगर के इस सबसे व्यस्त चौराहे पर पूरे दिन जाम की स्थिति बनी रहती है।

पुलिस के सामने ही नियमों की धज्जियां
चौंकाने वाली बात यह है कि अकबराबाद चौराहे पर ट्रैफिक पुलिस और TI की तैनाती रहती है, पिकेट भी मौजूद है। इसके बावजूद सड़क के दोनों ओर अवैध टैक्सी, डग्गामार टेंपो और ठेले-खोमचे वालों ने कब्जा जमा रखा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस और ट्रैफिक कर्मी मूकदर्शक बने रहते हैं। न तो अवैध पार्किंग हटाई जाती है, न ही चालान काटे जाते हैं।

राजमार्ग पर बना दिए अवैध ऑटो स्टैंड
हालात ये हैं कि हाईवे के दोनों ओर अवैध ऑटो स्टैंड बना लिए गए हैं। ऑटो-ई-रिक्शा चालक सड़क पर ही सवारियां भरते-उतारते हैं, जिससे सुबह 10 बजे से ही यातायात बाधित हो जाता है। ऑटो संचालन के लिए मंडी के पास स्थान निर्धारित होने के बावजूद चालक चौराहे से नहीं हटते।

वसूली का आरोप, कार्रवाई सिर्फ दिखावे की
ऑटो चालकों का कहना है कि अकबराबाद चौराहे पर नगर पालिका के नाम पर 50 से 100 रुपये रोज अवैध वसूली होती है, जबकि यहां कोई अधिकृत स्टैंड ही नहीं है। पैसे न देने पर मारपीट तक की जाती है।

प्रशासन की ओर से कार्रवाई भी हुई। सात महीने पहले SDM के निर्देश पर जेसीबी से अतिक्रमण हटाया गया था। अगस्त 2024 में SDM और ARTO ने 6 ऑटो सीज भी किए थे। नायब तहसीलदार जितेंद्र कुमार ने कहा था कि “अतिक्रमण हटाओ अभियान लगातार जारी रहेगा”। लेकिन हकीकत ये है कि कार्रवाई के कुछ दिन बाद ही अतिक्रमणकारी फिर कब्जा कर लेते हैं। प्रशासन के आदेशों को खुलेआम नजरअंदाज किया जा रहा है।

जनता परेशान, CM के निर्देश बेअसर
स्थानीय लोगों ने मीडिया कर्मियों से शिकायत कर जाम के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि ठेले-ठिलियों और अवैध वाहनों के कारण चंद कदम की दूरी तय करने में भी पसीने छूट जाते हैं। ARTO अंबरीश कुमार खुद कह चुके हैं कि “सड़क पर खड़े होने वाले वाहनों के प्रति प्रदेश सरकार काफी सख्त है”, फिर भी सहसवान में हालात जस के तस हैं।

क्या कहते हैं जिम्मेदार
SDM रिपुदमन सिंह ने अवैध वसूली की शिकायत पर जांच कर कार्रवाई की बात कही है। लेकिन बड़ा सवाल यही है कि जब चौराहे पर पुलिस और TI तैनात हैं, तो दिनभर जाम क्यों लगता है और चालान क्यों नहीं होते? जब तक नियमित प्रवर्तन, अवैध वसूली पर रोक और स्थाई पार्किंग की व्यवस्था नहीं होगी, तब तक अकबराबाद चौराहा जाम से जूझता रहेगा।