बरेली: 15 दिन में सर्वे, 246 किसानों को ₹45 लाख मुआवज़ा—बहेड़ी में राहत वितरण का ऐतिहासिक कार्यक्रम
बरेली जनपद की तहसील बहेड़ी क्षेत्र के ग्राम सिंगौथी और बहादुरगंज में 13 अप्रैल 2026 को हुए भीषण अग्निकांड ने किसानों की कमर तोड़ दी थी। इस हादसे में लगभग 1000 बीघा भूमि पर खड़ी गेहूं की फसल जलकर राख हो गई, जिससे सैकड़ों किसान प्रभावित हुए। आग के बाद गांवों में मायूसी और चिंता का माहौल था, क्योंकि किसानों की सालभर की मेहनत एक झटके में खत्म हो गई थी।


लेकिन महज 15 दिनों के भीतर प्रशासन की सक्रियता ने इस संकट को राहत में बदल दिया। 29 अप्रैल 2026 को तहसील सभागार, बहेड़ी में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन कर 246 प्रभावित किसानों को कुल ₹45 लाख का मुआवज़ा वितरित किया गया। यह तेज़ और प्रभावी कार्रवाई क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई।
कार्यक्रम के दौरान किसानों को ₹7000 से लेकर ₹40,000 तक के चेक दिए गए। चेक पाते ही किसानों के चेहरों पर राहत और संतोष साफ झलकने लगा। कई किसानों की आंखें नम थीं—एक तरफ फसल नष्ट होने का दर्द, तो दूसरी तरफ समय पर मिली सहायता का सुकून।
किसानों ने भावुक होकर बताया कि पहले सरकारी योजनाओं का लाभ पाने के लिए उन्हें वर्षों तक दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे, तब जाकर ₹400-₹500 जैसे छोटे मुआवज़े मिलते थे। लेकिन इस बार प्रशासन ने रिकॉर्ड समय में सर्वे कराकर राहत राशि सीधे किसानों तक पहुंचाई, जो उनके लिए किसी बड़ी राहत से कम नहीं है।


इस अवसर पर एसडीएम बहेड़ी ईशिता किशोर ने इस उपलब्धि का श्रेय जिलाधिकारी अविनाश सिंह को दिया। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी के निर्देशन और प्रेरणा से ही यह कार्य इतनी तेजी और पारदर्शिता के साथ संभव हो पाया।
तहसील सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान कई किसान भावुक हो उठे और उन्होंने प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए दुआएं दीं। इस कठिन समय में मिली यह आर्थिक सहायता उनके लिए राशन और परिवार के भरण-पोषण का सहारा बनेगी।


स्थानीय लोगों और किसानों का कहना है कि यह पहल न सिर्फ राहत देने वाली है, बल्कि प्रशासन के प्रति विश्वास भी मजबूत करती है। बहेड़ी तहसील और बरेली जनपद के लिए यह एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है, जहां पहली बार इतनी तेजी से सर्वे और मुआवज़ा वितरण देखने को मिला।