बरेली में आयोजित होमगार्ड एनरोलमेंट परीक्षा के दौरान एक गंभीर अनियमितता सामने आई, जहां प्रतिरूपण (फर्जी अभ्यर्थी बनकर परीक्षा देने) के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई परीक्षा में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए की गई सख्ती का हिस्सा मानी जा रही है।
घटना आज जब साहू गोपीनाथ कन्या इंटर कॉलेज में प्रथम पाली (सुबह 10 बजे से 12 बजे) की परीक्षा चल रही थी। ड्यूटी पर तैनात पुलिस केंद्र प्रभारी को एक अभ्यर्थी संदिग्ध लगा। बायोमेट्रिक सत्यापन के दौरान शक गहराया तो उसकी गहन जांच की गई।
जांच में उसकी पहचान अनुराग (पुत्र राज बहादुर, निवासी हरिहरपुर, थाना टड़ियावां, जनपद हरदोई, उम्र लगभग 27 वर्ष) के रूप में हुई। आगे की पड़ताल में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि यही व्यक्ति एक दिन पहले, 25 अप्रैल 2026 को दरबारी लाल शर्मा इंटर कॉलेज (पीलीभीत रोड, रिठौरा) स्थित केंद्र पर धर्मेंद्र सिंह के नाम से भी परीक्षा दे चुका था।
इस तरह आरोपी ने जानबूझकर दो अलग-अलग पहचान के साथ परीक्षा में शामिल होकर अनुचित लाभ लेने की कोशिश की। पूछताछ में उसने अपना जुर्म स्वीकार भी कर लिया।
मामले में थाना कोतवाली, बरेली में मु0अ0सं0-190/2026 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएं 319(2), 318(4), 340(2), 336(3) तथा सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम की धारा 3/10(1) के तहत कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जाएगा।
यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। बायोमेट्रिक सत्यापन और सख्त निगरानी व्यवस्था के चलते इस तरह के फर्जीवाड़े पकड़ में आ रहे हैं, जिससे ईमानदारी से मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों का भरोसा मजबूत होता है।