लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन सदन में वाराणसी से जुड़ा मुद्दा गूंज उठा। सहसवान विधायक ब्रजेश यादव ने मणिकर्णिका घाट पर स्थित अहिल्याबाई होलकर द्वारा निर्मित मंदिर को तोड़े जाने के कथित प्रकरण को प्रमुखता से उठाया।
विधायक ने कहा कि मणिकर्णिका घाट का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व देश-विदेश में जाना जाता है। ऐसे में यदि किसी ऐतिहासिक धरोहर या मंदिर को नुकसान पहुंचाया गया है तो यह अत्यंत गंभीर विषय है। उन्होंने सरकार से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
ब्रजेश यादव ने कहा कि प्रदेश की जनता धार्मिक स्थलों और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण को लेकर संवेदनशील है। इसलिए सरकार को इस विषय पर स्पष्ट बयान देना चाहिए ताकि किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति न रहे।
बजट सत्र के संदर्भ में बोलते हुए विधायक ने प्रस्तुत बजट पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बजट में आम जनता, किसानों, युवाओं और बेरोजगारों के मुद्दों को अपेक्षित प्राथमिकता नहीं दी गई है। राज्यपाल के अभिभाषण का उल्लेख करते हुए उन्होंने सरकार की नीतियों की आलोचना की और कहा कि जमीनी समस्याओं पर ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।
सदन में इस मुद्दे को लेकर कुछ समय तक बहस का माहौल बना रहा। विपक्षी सदस्यों ने भी सरकार से जवाब देने की मांग की। फिलहाल सरकार की ओर से इस विषय पर विस्तृत प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा है।
