
रतनदीप कॉम्प्लेक्स (चौकी चौराहा )के सामने प्रस्तावित डिजाइन..
बरेली। बरेली शहर को सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और स्मार्ट पहचान देने की दिशा में जिला प्रशासन लगातार ठोस कदम उठा रहा है। जिलाधिकारी अविनाश सिंह के नेतृत्व में शहर के प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थलों के सौंदर्यीकरण व विकास को लेकर एक व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है, जिसकी हर तरफ सराहना हो रही है।

जनप्रिय जिलाधिकारी बरेली अविनाश सिंह
इसी क्रम में बरेली में प्रसिद्ध कथा वाचक पंडित राधेश्याम की प्रतिमा स्थापित किए जाने की योजना है। यह प्रतिमा धार्मिक और सांस्कृतिक आस्था का प्रतीक बनेगी तथा आने वाली पीढ़ियों को भारतीय सनातन परंपरा से जोड़ने का कार्य करेगी।

पंडित राधेश्याम कथावाचक की मूर्ति तैयार करता मूर्तिकार
वहीं रतनदीप परिसर के सामने स्थित चौराहे को भव्य और आकर्षक स्वरूप दिया जाएगा। चौराहा सौंदर्यीकरण के तहत आधुनिक लाइटिंग, हरियाली, कलात्मक डिजाइन और सुव्यवस्थित यातायात व्यवस्था विकसित की जाएगी, जिससे यह क्षेत्र शहर की पहचान बन सके।
इसके अतिरिक्त काशी कमर वाला क्षेत्र में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की प्रतिमा स्थापित किए जाने का निर्णय लिया गया है। यह प्रतिमा शौर्य, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति का संदेश देगी। स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे ऐतिहासिक कदम बताया है।

महाराणा प्रताप की प्रतिमा तैयार करता मूर्तिकार
कलेक्ट्रेट गेट पर अशोक स्तंभ की स्थापना भी प्रस्तावित है, जो प्रशासनिक परिसर को राष्ट्रीय गरिमा और गौरव का प्रतीक बनाएगा। इससे कलेक्ट्रेट क्षेत्र की पहचान और अधिक सशक्त होगी।

जिलाधिकारी अविनाश सिंह का कहना है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के साथ-साथ शहर के सौंदर्यीकरण और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करना भी प्रशासन की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से जनप्रतिनिधियों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श कर एक समग्र योजना बनाई गई है, ताकि बरेली को एक नया, स्मार्ट और आधुनिक स्वरूप दिया जा सके।
शहरवासियों का मानना है कि जिलाधिकारी अविनाश सिंह के नेतृत्व में बरेली न सिर्फ विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहा है, बल्कि अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को भी नए अंदाज में प्रस्तुत कर रहा है। इन योजनाओं के धरातल पर उतरने से बरेली की पहचान एक स्मार्ट, सुसंस्कृत और विकसित शहर के रूप में और मजबूत होगी।

इसके साथ ही जिलाधिकारी अविनाश सिंह जनता से सीधे जुड़ी जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने में भी अहम भूमिका निभा रहे हैं। प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री आवास योजना, पेंशन योजनाएं, राशन वितरण, स्वास्थ्य सेवाएं, किसानों से जुड़ी योजनाएं और अन्य कल्याणकारी कार्यक्रमों की वे स्वयं नियमित मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
जिलाधिकारी का साफ और दो टूक संदेश है कि शासन की योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्ति तक समय से पहुंचे, इसमें किसी भी स्तर पर कोताही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।