अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा संचालित राष्ट्रीय जन जागरण ज्योति कलश यात्रा आज गायत्री मंदिर से पूजन करने के उपरांत राज के बालिका विद्यालय भिवाड़ी पहुंची राजकीय महाविद्यालय होते हुए बालिका महाविद्यालय मैं बारी-बारी से व्याख्यान हुए बालिका विद्यालय में गायत्री परिवार पर प्रकाश डालते हुए संरक्षक ग्यशीराम गुप्ता ने बताया कि युग ऋषि वेद मूर्ति श्री राम शर्मा का विचार है गायत्री परिवार, मानव में

देवत्व का उदय कर इसी धारा पर स्वर्ग का अवतरण संभव है इसके लिए सार्थक साहित्य एवं सच्चा सत्संग जरूरी है ,भिवाड़ी शक्तिपीठ पर हर संभव युग साहित मुहैया कराया जाएगा , हर रविवार को हवन तथा संस्कार सर्व समाज के लिए मुफ्त कराए जाते हैं राजकीय महाविद्यालय में आज की युग शक्ति को सही दिशा का बोध कराते हुए शांतिकुंज प्रतिनिधि जितेंद्र सिंह जादौन ने जीवन की तीन धाराओं का बोध कराया प्राकृतिक जीवन, विकृत जीवन ,तथा सांस्कृतिक जीवन, जीवन के तीन स्तर होते हैं दानव, मानव, एवं महामानव ,इसे हम तीन ही तरीके से जी सकते हैं सुखी जीवन सफल जीवन एवं सार्थक जीवन, तीन ही योग है भक्ति योग ज्ञान योग कर्म योग, तथा तीन ही उपाय हैं साधना उपासना और आराधना ,जब साज संभाल नहीं होती है तो हर चीज खराब होती जाती है उसी प्रकार आज संस्कारों को भूलाकर विकृत जीवन जी कर समाज घोर कलयुग में पहुंच गया है जादौन ने बताया कि हमारे पास कितना भी अच्छा हथियार हो अगर चलना ही नहीं आएगा तो वह बेकार है हम दुश्मन के हाथों मारे जाएंगे इसी भांति हमारे वेद पुराण गीता रामायण प्रज्ञा पुराण जैसा साहित्य है

लेकिन बच्चों को उसका ज्ञान नहीं होने की वजह से बेकार सिद्ध हो रहा है इसे अगर सिलेबस में चलकर स्कूल में पढ़ाया जाए तो संस्कृति के रक्षक इसी समाज से पैदा होने लगेंगे जैसे पहले गुरुकुल में हुआ करते थे शाम के समय सेक्टर 1 में दीप यज्ञ का आयोजन हुआ महिलाओं को बली वैश्य यज्ञ के विस्तृत जानकारी दी तथा बच्चों को बुराइयों से अच्छाइयों की और कैसे जाना है का रास्ता बताया गायत्री परिवार की तरफ से बालिका विद्यालय में 6 पंखे भेंट किया तथा समय-समय पर कार्य शालाओं का आश्वासन दिया इस मौके पर विनीता गोयल अनीता शर्मा चंद्रेश शर्मा नागेंद्र कुमार अरविंद कुमार विक्रम सिंह अजीत सिंह मुकेश सैनी प्राचार्य रश्मि पारीक प्रवक्ता धर्मचंद यादव बाबूलाल पंकज शर्मा अनिल कुमार शर्मा जिला समानवत रामकृष्ण मीणा विकास यादव आदि मौजूद रहे