
बदायूं। बिसौली तहसील क्षेत्र के गांव गुरुइया के किसान की भागदौड़ रंग लाई । पिछले 28 वर्ष से आठ बीघा जिस जमीन की खातिर अधिकारियों के चक्कर लगा रहे थे, अब जाकर उन्हें कब्जा मिल गया है। तहसील प्रशासन कानूनगो हल्का लेखपाल द्वारा लगातार नपत कराए जाने के बाद 28 वर्ष बीत गए काफी मशक्कत के बाद किसान को उनकी जमीन मिल गई है।तहसीलदार प्रशासन का दावा है कि वास्तव में जो किसान हकदार हैं, उन्हें लगातार अभियान चलाकर अवैध कब्जे से मुक्त कराई जाएगी जिसकी जमीन है उसको दिलाई जाएगी।
तहसील क्षेत्र का गांव गुरुइया निवासी देवेंद्र कुमार पुत्र दयाराम का नाम खतौनी में दर्ज है उसके बावजूद दबंग लोग किसान की जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा था
बुधवार को कानूनगो हल्का लेखपाल और कुंवरगांव थाना पुलिस की मौजूदगी में जमीन की नपत कराई और तहसील प्रशासन ने किसान को उसकी जमीन का कब्जा दिला दिया 28 वर्ष बीत जाने के बाद कब्जा मिल गया। गांव के ही कुछ दबंगों ने अवैध कब्जा कर रखा था और वर्षों से जमीन जोत रहे थे जहां पर जिस व्यक्तियों का कब्जा है, वह लगातार वहां फसल करते आ रहे थे। जिन लोगों का जमीन पर अवैध कब्जा था वह लोग खूनी संघर्ष की बात कर रहे है। अधिकतर कब्जेदार लोग राजनीति से जुड़े हैं, उनमें ज्यादातर लोग गांव में रहते हैं कुछ पड़ोस के गांव के रहने वाले हैं वह एक साथ 10-15 लोग इकट्ठे होकर आते थे और असलहों के बल पर जमीन की जुताई करते थे। फसल की बुआई करते थे और चले जाते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यहां करीब आठ बीघा जमीन पर वर्षों से दबंगों का अवैध कब्जा था जबकि देवेंद्र कुमार पुत्र दयाराम की जमीन है उनके पास जमीन से संबंधित रिकॉर्ड मौजूद हैं लेकिन कभी उनको कब्जा नहीं मिला। वह पिछले 28 साल से पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं। थाना पुलिस की मौजूदगी में तहसील प्रशासन कानूनगो सुनील कुमार लेखपाल चकबंदी ओमप्रकाश कैला ने गांव की जमीन की नपत कराई। पूरे रकबे की जांच कराई। इसका नतीजा यह रहा कि अब किसान देवेंद्र कुमार पुत्र दयाराम को उनके हक की जमीन का कब्जा मिल गया।



