
बदायूं।ब्लूमिंगडेल स्कूल में सीबीएसई पाठ्यक्रम द्वारा भारतीय भाषाओं के ज्ञान हेतु समर कैंप में संस्कृत भाषा का अध्यापन कार्य किया गया।
सीबीएसई बोर्ड द्वारा निर्देशित विषय ‘भारतीय भाषा का अस्तित्व और विकास’ पर सात दिवसीय समर कैंप की

श्रृंखला में ब्लूमिंगडेल स्कूल में दूसरे दिन वर्चुअल सिटी टूर,दैनिक जीवन में उचित भाषाशैली का अभ्यास विषय पर कक्षा-6 से कक्षा-12 के छात्र-छात्राओं को अनेक प्रकार से जीवन की सत्यता, आस-पास के वातावरण व अनुभव आदि से अवगत कराया, जो कि सफल जीवन शैली के लिए अति आवश्यक है। इतना ही नहीं देववाणी संस्कृत भाषा के लुप्त होते अस्तित्व के विषय के लिए भी जागरूक किया गया एवं अनेक क्षेत्रों में इस भाषा की उपयोगिता से अवगत कराया गया। आज की अति

व्यस्त दिनचर्या के कारण, जिससे हम अनभिज्ञ रह जाते हैं उन सभी से विद्यार्थियों को रूबरू होना अति आवश्यक है, यहां तक कि परस्पर वार्तालाप, विचारों व अनुभवों का आदान-प्रदान,भाषा शैली का अविकसियत रूप इन सभी के लिए मनुष्य स्वयं काफी हद तक स्वयं जिम्मेदार है। क्योंकि इस सभी के लिए उनके पास समय का अभाव है, सामाजिकता से दूरी है। बोर्ड द्वारा एनसीआरटी के तहत इस कार्यक्रम को ‘समर कैंप’ के माध्यम से प्रत्येक विद्यार्थी को कुछ सीखने-सिखाने का वीणा उठाया है और काफी हद तक सफलता हासिल

करते हुए भी नजर आया। इस प्रकार के कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आज की पीढ़ी को हमारी संस्कृति, भाषा एवं व्यवहारिक ज्ञान की ओर अग्रसर करना है। इस महत्वपूर्ण अवसर पर प्रधानाचार्य संजीव सिंह राठौर ने सभी विषयों के महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डाला। इस मौके पर समस्त स्कूल प्रबंधन, उपप्रधानाचार्य परशुराम मिश्रा, एकेडमिक हेड सौरभ गांगुली, कॉर्डिनेटर अंजला सोनी एवं समस्त विद्यालय परिवार उपस्थित रहा।






