
जिलाधिकारी के दरवाजे गरीब जनता के लिए हमेशा खुले: मानवता की मिसाल पेश कर रहे हैं डीएम
बरेली ज़िले के जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि प्रशासन केवल सरकारी कार्यालयों तक सीमित नहीं,बल्कि आम जनता की सेवा में तत्पर एक ज़िम्मेदारी भी है। गरीब, वंचित और जरूरतमंद नागरिकों के लिए उनके दरवाजे हमेशा खुले हैं — यह बात बह अपने व्यवहार और कार्यशैली से सिद्ध कर रहे है।
🤝 गरीबों की आवाज़ बन रहे हैं जिलाधिकारी
हाल ही में ज़िलाधिकारी के जनसुनवाई कार्यालय में कई मामले ज़मीन विवाद के आये। डीएम ने तुरंत तहसीलदार और संबंधित अधिकारियों को निर्देश देकर मौके पर जांच करवाने का आदेश दिया और गरीब जनता को आश्वासन दिया कि उनको न्याय हर हाल में मिलेगा।
इसी तरह एक दिव्यांग युवक ने पेंशन योजना में हो रही देरी की शिकायत की, जिस पर जिलाधिकारी ने व्यक्तिगत रूप से मामले का तुरंत निस्तारण कराया। यह उदाहरण केवल एक नहीं, बल्कि सैकड़ों ऐसे मामले हैं जहाँ डीएम ने संवेदनशीलता के साथ गरीबों की मदद की है।
🏢 जनसुनवाई में लगती है भीड़, पर मिलता है समाधान
हर सप्ताह आयोजित होने वाली जनसुनवाई (Public Grievance Hearing) में बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचते हैं। चाहे वो राशन कार्ड न बनना, पेंशन में गड़बड़ी, प्रधान द्वारा शोषण, या स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही का मामला हो — जिलाधिकारी खुद हर शिकायत को गंभीरता से सुनते हैं और संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश देते हैं।
💬 जिलाधिकारी का बयान
“प्रशासन का असली मकसद तभी पूरा होता है जब आम आदमी की आवाज़ सुनी जाए और उसे न्याय मिले। मेरे दरवाजे गरीब, किसान, मजदूर, महिला और हर जरूरतमंद नागरिक के लिए 24×7 खुले हैं।”