
ग्रामीण अंचल में हो रही सड़क दुर्घटनाओं को कम करने एवं ग्रामीण क्षेत्रों में यातायात जागरूकता के लाए जाने हेतु मण्डलायुक्त ने दिए ग्रामीण सड़क सुरक्षा समिति के गठन हेतु निर्देश
ग्रामीण इलाकों में हेलमेट के उपयोग पर दिया जाए विशेष ध्यान- मण्डलायुक्त
बरेली मंडल की मंडलीय सड़क सुरक्षा बैठक दिनांक 17-07-2025 में यह तथ्य सामने आया कि मंडल के 4 में से 3 जिलों में दोपहिया वाहनों की आमने-सामने की टक्कर (Head-on Collisions) के कारण गंभीर दुर्घटनाएं हो रही हैं। इन चिंताओं को ध्यान में रखते हुए, ज़मीनी स्तर पर ग्राम पंचायतों के माध्यम से सड़क सुरक्षा की एक समर्पित योजना प्रस्तुत की जा रही है।
मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने कहा – “सड़क सुरक्षा सिर्फ शहरी नहीं, ग्रामीण प्राथमिकता भी है। ग्राम सड़क सुरक्षा समितियाँ स्थानीय भागीदारी और स्थायी समाधान की कुंजी हैं। सभी ग्राम प्रधानों, शिक्षकों और नागरिकों से अपेक्षा है कि वे इस अभियान को सफल बनाएं।”
“सड़क सुरक्षा अब गाँव-गाँव” – A Gram Sabha-based Road Safety Awareness Campaign
ग्राम स्तर पर सड़क सुरक्षा के लिए “ग्राम सड़क सुरक्षा समिति” का गठन
ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण हेतु मंडलायुक्त द्वारा जिला प्रशासन के नेतृत्व में ग्राम पंचायत स्तर पर “ग्राम सड़क सुरक्षा समिति” के गठन का निर्णय लिया गया है। यह पहल मुख्य विकास अधिकारी (CDO) के नेतृत्व में सड़क सुरक्षा को जनांदोलन बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है।
समिति की संरचना:
इस समिति में ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव, स्थानीय स्कूल शिक्षक, आशा कार्यकर्ता, पुलिस बीट प्रभारी, और युवा स्वयंसेवक शामिल होंगे। समिति की त्रैमासिक बैठकें अनिवार्य होंगी, जिनमें सड़क सुरक्षा से संबंधित विषयों पर चर्चा, स्थानीय दुर्घटनाओं की समीक्षा और सुधारात्मक कार्रवाई तय की जाएगी। इस कार्यवाही के अंतर्गत सर्वप्रथम ब्लॉक स्तर पर ग्रामीण सड़क सुरक्षा समिति की बैठक बुलायी जाएगी, जिसमें सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी, क्षेत्रीय उपजिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी, संबधित थाना प्रभारी, खण्ड विकास अधिकारी, खण्ड शिक्षा अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी, ग्राम प्रधान आदि द्वारा प्रतिभाग किया जाएगा।इस बैठक में समिति को उसके कार्यों के विषय में बताया जायेगा तथा समितियों से क्षेत्र के ब्लैक स्पॉट की सूची प्राप्त कर अग्रिम कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
प्रमुख गतिविधियाँ:
• ग्राम सभा के दौरान सड़क सुरक्षा ऑडियो-विज़ुअल सामग्री का प्रदर्शन
• नुक्कड़ नाटक, गीतों एवं पोस्टर प्रतियोगिताओं के माध्यम से जन-जागरूकता
• पोटेंशियल ब्लैक स्पॉट की पहचान और SANJAYA App की सहायता से उनके स्थायी समाधान के लिए रिपोर्टिंग
• विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम, विशेष रूप से बच्चों और किशोरों के लिए
• महिलाओं एवं वरिष्ठ नागरिकों को प्राथमिकता देते हुए विशेष सत्र
तकनीकी एवं संस्थागत सहयोग:
इस अभियान में CoERS, IIT Madras द्वारा बनाया गया SANJAYA App, जिला सड़क सुरक्षा समिति, पंचायती राज विभाग, एवं जिला सूचना कार्यालय का सहयोग लिया जाएगा। स्थानीय स्तर पर ब्लॉक विकास अधिकारी, थाना प्रभारी, एवं जनप्रतिनिधि इस समिति को सक्रिय सहयोग देंगे।