आंदोलनकारी किसानों के हंगामे के बीच दिल्ली के पांच इलाकों में इंटरनेट बंद कर दिया है. कई मेट्रो स्टेशन पर एंट्री और एग्जिट एहतियातन बंद कर दिए हैं. भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि जो लोग गड़बड़ फैलाने की कोशिश कर रहे हैं वो चिन्हित हैं. वो राजनीतिक दल के लोग हैं और इस आंदोलन को खराब करना चाहते हैं.

नई दिल्ली: गणतंत्र दिवस पर आंदोलनकारी किसानों के ट्रैक्टर ने उग्र रूप ले लिया. दिल्ली के अलग-अलग जगहों पर किसानों ने उत्पात मचाया. कुछ जगहों पर पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा. आंदोलनकारियों ने पुलिस के ऊपर पत्थरबाजी भी की. यहां तक कि कुछ आंदोलनकारी किसान लाल किले पहुंच गए और वहां दो जगहों पर केसरिया झंडा फहरा दिया. हालात ऐसे हो गए कि केंद्रीय गृहमंत्रालय ने दिल्ली में कुछ इलाकों में इंटरनेट बंद करने का फैसला किया. गृह मंत्री अमित शाह के आवास पर इस वक्त आपातकालीन बैठक चल रही है. सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मंथन चल रहा है.

किसानों के हंगामें से जुड़ी 10 बड़ी बातें

  1. केन्द्र के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ ट्रैक्टर परेड के दौरान किसानों के निर्धारित मार्गों पर ना जाने के बाद राष्ट्रीय राजधानी में कई स्थानों पर उनके और पुलिस के बीच मंगलवार को झड़प हो गई. वहीं कई किसान लाल किला परिसर में भी दाखिल हो गए हैं. पुलिस ने उन्हें नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज भी किया.
  2. आईटीओ पर भी अराजकता की स्थिति उत्पन्न हो गई, जहां प्रदर्शनकारी हाथ में डंडे लेकर पुलिस कर्मियों को दौड़ाते और अपने ट्रैक्टरों को वहां खड़ी बसों को टक्कर मारते दिखे. आईटीओ पर गुस्साए किसानों ने एक बस में तोड़फोड़ भी की. पुलिस ने मंगलवार को शहर के कई हिस्सों में आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज भी किया.
  3. दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को प्रदर्शनकारी किसानों से अपील की है कि वे कानून को हाथ में नहीं लें, शांति बनाए रखें और अपने पूर्व निर्धारित मार्ग पर ही ट्रैक्टर परेड निकालें. दिल्ली पुलिस के अतिरिक्त जनसंपर्क अधिकारी अनिल मित्तल ने कहा, ‘‘हम प्रदर्शनकारी किसानों से अनुरोध करते हैं कि वे कानून हाथ में नहीं ले और शांति बनाए रखें.’’
  4. हालांकि आंदोनकारी किसानों पर पुलिस की अपील का असर नहीं हुआ. हालात को देखते हुए केंद्रीय गृहमंत्रालय ने दिल्ली के कुछ इलाकों में इंटरनेट बंद करने का फैसला लिया. प्रदर्शनकारियों के हंगामें के बीच गृह मंत्रालय ने सिंघू बॉर्डर, गाजीपुर बॉर्डर, टिकरी बॉर्डर, मुकरबा चौक और नांगलोई के इलाकों में आज रात 12 बजे तक के लिए इनटरनेट सेवा बंद करने का फैसला किया है.
  5. किसानों ने ट्रैक्टर मार्च के दौरान लाल किले में प्रवेश कर लिया जिन्हें पुलिस निकाल रही है. अब इसी बीच सुरक्षा के मद्देनजर दिल्ली मेट्रो ने कई स्टेशनों के एंट्री और एग्जिट गेट बंद कर दिए हैं. दिल्ली गेट मैट्रो स्टेशन, ITO मैट्रो स्टेशन, ग्रे लाइन की सभी मैट्रो स्टेशन, जामा मस्जिद मैट्रो, दिलशाद गार्डन, झिलमिल और मानसरोवर पार्क मैट्रो स्टेशन को बंद कर दिया गया है.
  6. इस बीच संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा कि हमारे सभी प्रयासों के बावजूद कुछ लोगों ने रूट का उल्लंघन किया और निंदनीय कृत्यों में लिप्त रहे. असामाजिक तत्व शांतिपूर्ण आंदोलन में घुस गए. हमने हमेशा माना है कि शांति हमारी सबसे बड़ी ताकत है और किसी भी उल्लंघन से आंदोलन को नुकसान होगा. किसान गणतंत्र दिवस परेड में अभूतपूर्व भागीदारी के लिए हम किसानों को धन्यवाद देते हैं. हम उन अवांछनीय और अस्वीकार्य घटनाओं की भी निंदा करते हैं, जो आज घटित हुई हैं. ऐसे कृत्यों में लिप्त होने वाले लोग हमारे सहयोगी नहीं हैं.
  7. इस बीच कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने किसानों से शांति बनाए रखने की अपील की. राहुल गांधी ने ट्वीट कते हुए कहा, “हिंसा किसी समस्या का हल नहीं है. चोट किसी को भी लगे, नुक़सान हमारे देश का ही होगा. देशहित के लिए कृषि-विरोधी क़ानून वापस लो!”
  8. स्वराज इंडिया के अध्यङ योगेंद्र यादव ने एबीपी न्यूज़ से बात करते हुए कहा, ”यह बिना किसी संदेह के निंदनीय है और शर्मिंदगी का विषय है. यह गणतंत्र के लिए, देश के लिए शर्मिंदगी का विषय है. मैं किसान नेताओं और आंदोलन में शामिल लोगों से अपील करता हूं कि पुलिस के दिए रूट को ही मानें. जो लोग तय रूट से बाहर चले गए हैं उन्हें भी तय रूट पर ही वापस आ जाना चाहिए. अभी मैं यह भी नहीं जानता कि यह हमारे संगठन के लोग हैं या कौन है. लेकिन ऐसा जो लोग भी कर रहे हैं वो निंदनीय है. मुझे अभी यह नहीं पता कि आगे क्या होगा, लेकिन मैं सिर्फ एक बार और अपील करना चाहता हूं कि इससे आंदोलन और किसान की छवि खराब हो रही है. ऐसा ना करें, पुलिस के रूट पर ही रहें.’
  9. दिल्ली के विभिन्न पुलिस थानों में किसानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की तैयारी में है. शुरुआती दौर में लगभग एक दर्जन मामले दर्ज हो सकते हैं. विभिन्न आपराधिक धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करने की तैयारी की जा रही है. केस दर्ज करने के बाद गिरफ्तारियों का सिलसिला शुरू हो सकता है.
  10. नांगलोई में पुलिस और आंदोलनकारी किसान आमने सामने हो गए. यहां पर किसानों ने पुलिस के ऊपर पत्थरबाजा की. बाद में पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा और कई बार आंसू गैस के गोले दागे. पुलिस की तरफ से किसानों को लगातार समझाया जा रहा था, आप लोग अपने तय रास्ते पर निकल जाएं लेकिन वे मानने को तैयार नहीं है. फिलहाल पुलिस समझा रही है. वहीं गाजीपुर बॉर्डर पर दो पुलिसकर्मियों को चोटे आई हैं. दिल्ली पुलिस ने बताया कि गाजीपुर बॉर्डर पर सुबह में, दो पुलिस अधिकारियों – अतिरिक्त डीसीपी ईस्ट मंजीत और एक परिवीक्षाधीन आईपीएस अधिकारी को चोटें आईं, वे किसानों को बैरिकेड तोड़ने से रोक रहे थे

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